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विस्तृत उत्तर
मार्कण्डेय पुराण और भागवत पुराण में ऋभु नामक देवगणों का वर्णन आता है। उन्हें तपस्या और अमरता के देव माना जाता है। दस्तावेज़ के अनुसार उनकी उपस्थिति तपोलोक के पवित्र वातावरण से संबद्ध मानी जाती है। तपोलोक स्वयं तपस्या, ज्ञान, वैराग्य और विशुद्ध चेतना का लोक है, इसलिए ऋभु देवगणों की तपस्या और अमरता से जुड़ी प्रकृति इस लोक के वातावरण से मेल रखती है।
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