विस्तृत उत्तर
रुद्राभिषेक शिवपुराण, रुद्रसंहिता, कुमारसंहिता, और विशिष्ट आगमिक ग्रंथों में वर्णित है।
इसमें रुद्र स्वरूप का विस्तृत वर्णन रुद्रसंहिता और कुमारसंहिता में मिलता है।
रुद्राभिषेक मुख्यतः वेद मंत्रों (विशेषतः रुद्राष्टाध्यायी) द्वारा किया जाता है। विशिष्ट द्रव्यों और कामनाओं की फलश्रुति शिवपुराण की फलश्रुति और आगमिक परंपरा पर आधारित है।





