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साधना मार्गदर्शन📜 योग शास्त्र, पतंजलि (1.30-31 — अंतराय)1 मिनट पठन

साधना में अवरोध आने पर क्या करें?

संक्षिप्त उत्तर

पतंजलि: 9 अंतराय (रोग/जड़ता/संशय/आलस्य...)। उपाय: 'एकतत्त्वाभ्यास' (1.32)। गुरु, नियमितता ('बुरा ध्यान > शून्य'), सात्विक, सत्संग, धैर्य, प्रार्थना।

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विस्तृत उत्तर

साधना अवरोध — पतंजलि + उपाय:

पतंजलि (1.30) — 9 अंतराय: व्याधि (रोग), स्त्यान (जड़ता), संशय, प्रमाद (लापरवाही), आलस्य, अविरति (विषय आसक्ति), भ्रांतिदर्शन (भ्रम), अलब्धभूमिकत्व (स्तर प्राप्त न होना), अनवस्थितत्व (अस्थिरता)।

उपाय (पतंजलि 1.32): 'एकतत्त्वाभ्यासः' — एक विषय का अभ्यास = सभी अवरोध दूर।

व्यावहारिक

  1. 1गुरु: सबसे पहला उपाय — गुरु परामर्श।
  2. 2नियमितता: रुकें नहीं — 'बुरा ध्यान > कोई ध्यान नहीं।'
  3. 3सात्विक: आहार/विहार शुद्ध।
  4. 4संगति: सत्संग = ऊर्जा ↑।
  5. 5धैर्य: 'साधना = मैराथन — sprint नहीं।'
  6. 6प्रार्थना: 'हे प्रभु, मार्ग दिखाओ' — सर्वसरल।
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शास्त्रीय स्रोत
योग शास्त्र, पतंजलि (1.30-31 — अंतराय)
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