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विस्तृत उत्तर
सरमा के मंत्रमय वचनों से असुर इसलिए डरते हैं क्योंकि उसने पणियों को ऐसे मंत्र-रूपी वाक्यों से शाप दिया जिससे उनके भीतर देवराज इंद्र का भीषण भय बैठ गया। श्रीमद्भागवत के अनुसार सरमा ने जिन मंत्रमय वचनों का प्रयोग किया, उसका भय आज भी रसातल के निवासियों के मन में व्याप्त है। रसातल के पणि और अन्य सर्प-समान असुर आज भी सरमा की उसी गूँजती हुई मंत्रमयी आवाज़ से खौफ खाते हैं और अपनी गुफाओं से बाहर निकलने का दुस्साहस नहीं कर पाते।
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