विस्तृत उत्तर
शिव पूजा की विधि शिव पुराण की विद्येश्वर संहिता और अग्नि पुराण में विस्तार से वर्णित है:
पूजा से पूर्व तैयारी
- 1प्रातःकाल स्नान — जल में गंगाजल मिलाएं
- 2स्वच्छ श्वेत या पीत वस्त्र धारण करें
- 3पूजा स्थान स्वच्छ करें; बासी पुष्प और जल हटाएं
शिव पूजा सामग्री
- ▸गंगाजल / शुद्ध जल
- ▸दूध, दही, घी, शहद, शक्कर (पंचामृत)
- ▸बेलपत्र (सर्वाधिक प्रिय)
- ▸धतूरा, आक के फूल
- ▸चंदन, भस्म
- ▸सफेद पुष्प
- ▸धूप, दीप (घी)
- ▸भोग — भांग, ठंडाई, फल
- ▸रुद्राक्ष माला
षोडशोपचार शिव पूजा (16 चरण)
1. आवाहन: 'ॐ नमः शिवाय — शिव आगच्छ'
2. आसन: देवता को बैठने का आसन
3. पाद्य: चरण प्रक्षालन — जल अर्पण
4. अर्घ्य: हाथ धोने का जल
5. आचमन: पीने का जल
1पंचामृत स्नान (सर्वप्रमुख)
दूध → दही → घी → शहद → शक्कर
प्रत्येक के साथ: 'ॐ नमः शिवाय'
2शुद्ध जल स्नान
गंगाजल से अभिषेक — 'ॐ नमः शिवाय'
8. वस्त्र: श्वेत वस्त्र अर्पण
9. यज्ञोपवीत (जनेऊ): शिव को जनेऊ
10. भस्म और चंदन: त्रिपुंड तिलक — भस्म से तीन रेखाएं
3बेलपत्र अर्पण
तीन पत्तियों वाला बेलपत्र — 'ॐ नमः शिवाय'
12. पुष्प: धतूरा, आक, सफेद पुष्प
4धूप-दीप
14. नैवेद्य: फल, ठंडाई, पंचामृत
15. आरती: 'ॐ जय शिव ओंकारा...'
5प्रदक्षिणा और क्षमा
शिवलिंग की आधी परिक्रमा (सोमसूत्र नहीं लांघते)
क्षमा प्रार्थना
> 'आवाहनं न जानामि न जानामि विसर्जनम्। पूजां चैव न जानामि क्षमस्व परमेश्वर॥'
शिव पुराण का वचन
शिव पुराण की विद्येश्वर संहिता में कहा गया है — जो श्रद्धा और भक्ति से शिव की पूजा करता है, उसे शिव स्वयं मोक्ष प्रदान करते हैं।





