विस्तृत उत्तर
शुक्राचार्य ने राजा बलि को इसलिए रोका था क्योंकि उन्होंने अपने दिव्य ज्ञान से तुरंत पहचान लिया था कि तीन पग भूमि मांगने वाला याचक कोई साधारण ब्राह्मण नहीं, बल्कि साक्षात् भगवान विष्णु हैं। वे देवताओं का कार्य सिद्ध करने और बलि का सर्वस्व हरण करने आए हैं। शुक्राचार्य ने बलि को संकल्प लेने से रोका और उन्हें कई तर्क दिए कि यह दान नहीं देना चाहिए। उन्होंने समझाया कि सर्वस्व दान करने से जीविका नष्ट हो जाएगी, परिवार संकट में पड़ जाएगा, और यह याचक दो ही पग में पूरी पृथ्वी नाप लेगा। लेकिन बलि ने सत्यनिष्ठा और दान-वचन के कारण शुक्राचार्य की बात नहीं मानी।
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