📖
विस्तृत उत्तर
सृष्टि निर्माण में भगवान विष्णु मूल चेतना, आधार और गति के स्रोत के रूप में वर्णित हैं। वे योगनिद्रा में सृष्टि के बीज और जीवों के कर्म धारण करते हैं। सृजन-संकल्प से वे प्रथम स्पंदन प्रकट करते हैं और प्रथम श्वास से कालचक्र को गति देते हैं। उनकी नाभि से कमल और उस पर ब्रह्मा का प्राकट्य सृष्टि विस्तार का अगला चरण बनता है।
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?

