विस्तृत उत्तर
हिंदू धर्मशास्त्रों के अनुसार सुबह बिस्तर से उतरने से पहले पृथ्वी माता की वंदना करनी चाहिए।
विधि
1कर दर्शन (बिस्तर पर बैठकर)
दोनों हथेलियाँ देखें, मंत्र बोलें:
*'कराग्रे वसते लक्ष्मीः करमध्ये सरस्वती।
करमूले तु गोविन्दः प्रभाते करदर्शनम्॥'*
2भूमि स्पर्श मंत्र (पैर रखने से ठीक पहले)
*'समुद्रवसने देवि पर्वतस्तनमण्डले।
विष्णुपत्नि नमस्तुभ्यं पादस्पर्शं क्षमस्व मे॥'*
— हे समुद्र रूपी वस्त्र वाली, पर्वत रूपी स्तन वाली, विष्णुपत्नी पृथ्वी देवी! मेरे पैर स्पर्श को क्षमा करें।
अर्थ: पृथ्वी माता हमें अन्न, जल, आश्रय सब देती हैं — हम उन पर पैर रखकर चलते हैं — इसलिए प्रातःकाल क्षमा माँगना कृतज्ञता का भाव है।
3दाहिना पैर पहले
बिस्तर से उतरते समय दाहिना पैर पहले जमीन पर रखें — शुभ माना जाता है।
सरल विकल्प: यदि मंत्र याद न हो तो मन में *'जय पृथ्वी माता'* या *'ॐ'* बोलकर पैर रखें।





