विस्तृत उत्तर
हिंदू धर्मशास्त्रों और आयुर्वेद ('अष्टांग हृदय') के अनुसार सुबह उठते ही निम्नलिखित कार्य करने चाहिए:
1सबसे पहले — हथेलियों का दर्शन (कर दर्शन)
बिस्तर पर बैठकर अपनी हथेलियाँ देखें और यह मंत्र बोलें:
*'कराग्रे वसते लक्ष्मीः करमध्ये सरस्वती।
करमूले तु गोविन्दः प्रभाते करदर्शनम्॥'*
— हथेली के अग्रभाग में लक्ष्मी, मध्य में सरस्वती और मूल में गोविंद (विष्णु) का वास है। (Zee News, Aaj Tak verified)
2भूमि वंदन — जमीन पर पैर रखने से पहले
पृथ्वी माता से क्षमा माँगें:
*'समुद्रवसने देवि पर्वतस्तनमण्डले।
विष्णुपत्नि नमस्तुभ्यं पादस्पर्शं क्षमस्व मे॥'*
— हे पृथ्वी माता, मेरे पैर स्पर्श को क्षमा करें।
3ईश्वर स्मरण
इष्ट देव (शिव/विष्णु/राम/कृष्ण) का नाम लें। गायत्री मंत्र जपें।
4स्नान और शुद्धि
ब्राह्म मुहूर्त में स्नान सर्वश्रेष्ठ (आयुर्वेद)।
5पूजा/ध्यान
स्नान के बाद भगवान की पूजा, दीपक जलाना, मंत्र जप।
क्या न करें: सोकर उठते ही सबसे पहले मोबाइल न देखें, नकारात्मक बातें न सोचें, किसी को अपशब्द न कहें।





