विस्तृत उत्तर
पुराणों के अनुसार सूर्य के रथ में केवल एक ही पहिया है, जिसे खगोलीय भाषा में 'संवत्सर' (वर्ष/Year) कहा जाता है, जो काल की अनंतता को दर्शाता है। इस पहिए में 12 अरे (Spokes/तीलियां) हैं। ये 12 अरे एक वर्ष के 12 महीनों तथा राशिचक्र की 12 राशियों (प्रत्येक 30 डिग्री, कुल 360 डिग्री) का खगोलीय प्रतिनिधित्व करते हैं। वेदांत के अनुसार, मनुष्य का शरीर भी यही रथ है और उसे अपने मन को सही दिशा में हांकना चाहिए।




