विस्तृत उत्तर
सूर्य के रथ को निरंतर खींचने वाले सात घोड़े मात्र भौतिक पशु नहीं हैं, बल्कि वे ब्रह्मांडीय शक्तियों के प्रतीक हैं। शास्त्रों के अनुसार इनके चार मुख्य अर्थ हैं: 1. ये संस्कृत काव्य-शास्त्र और वेदों के सात प्रमुख छंदों (गायत्री, त्रिष्टुप् आदि) के मूर्तरूप हैं। 2. आधुनिक विज्ञान के अनुसार ये सूर्य की रोशनी के सात रंगों (VIBGYOR) के प्रतीक हैं। 3. ये काल-चक्र के सप्ताह के सात दिनों को दर्शाते हैं। 4. योगशास्त्र के अनुसार, ये मानव शरीर के सात चक्रों (मूलाधार से सहस्रार तक) और हमारी प्राण-ऊर्जा के प्रतीक हैं।





