विस्तृत उत्तर
सुतल लोक के उद्यान अत्यंत मनोहारी, सुखदायक और स्वर्ग के नंदनकानन से भी श्रेष्ठ बताए गए हैं। यहाँ के उद्यानों में कल्पवृक्ष के समान वृक्ष हैं, जो वहाँ के निवासियों की सभी इच्छाओं की स्वतः पूर्ति करते हैं। सुतल लोक में नदियाँ, विशाल सरोवर और जलकुंड अत्यंत पवित्र, निर्मल और सुस्वादु जल से सदैव परिपूर्ण रहते हैं। हर ऋतु में दिव्य कमल खिले रहते हैं और कोयल, मयूर आदि पक्षियों का मधुर कलरव चारों दिशाओं में गूंजता रहता है। इस लोक का संपूर्ण ऐश्वर्य भौतिक होते हुए भी भगवान की कृपा के कारण आध्यात्मिक शांति से ओतप्रोत रहता है।
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