विस्तृत उत्तर
सुतल लोक अपनी पारलौकिक दिव्यता, अभूतपूर्व वास्तुकला और साक्षात् भगवान विष्णु की प्रत्यक्ष उपस्थिति के कारण संपूर्ण ब्रह्मांड में एक अत्यंत विशिष्ट और वंदनीय स्थान रखता है। यह लोक महाराजा बलि का नित्य निवास है। भगवान वामन ने महाराजा बलि से त्रिलोकी का राज्य दान में लेकर उन्हें सुतल लोक का अखंड राज्य प्रदान किया। भगवान ने यह भी घोषणा की कि सुतल लोक देवताओं के स्वर्ग से भी अधिक समृद्ध होगा और वहां बलि को किसी भी प्रकार की मानसिक या शारीरिक व्याधि नहीं होगी। सुतल लोक की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि साक्षात् भगवान नारायण अपने चतुर्भुज रूप में हाथ में गदा धारण किए हुए इस लोक के द्वार पर रक्षक के रूप में अहर्निश खड़े हैं।
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