विस्तृत उत्तर
सुतल लोक में थकान दिव्य औषधियों और रसायनों के प्रभाव से नहीं होती। यहाँ के निवासी पारलौकिक जड़ी-बूटियों से निर्मित विशेष रसों और रसायनों का भोजन, पेय और स्नान के रूप में उपयोग करते हैं। इन दिव्य रसायनों के प्रभाव से उनके शरीर में ऊर्जा की कमी नहीं होती। भागवत पुराण के वर्णन के अनुसार वे निरंतर कार्य करने या भोग करने पर भी कभी थकान, जिसे क्लम कहा गया है, या ऊर्जा की कमी, जिसे ग्लानि कहा गया है, का अनुभव नहीं करते। उनका जीवन उत्साह, ऊर्जा और सर्वोच्च स्वास्थ्य से भरा रहता है।
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