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विस्तृत उत्तर
श्रीविष्णु पुराण और श्रीमद्भागवत पुराण के अनुसार तपोलोक जनलोक से आठ करोड़ योजन ऊपर स्थित है। विष्णु पुराण के द्वितीय अंश, सप्तम अध्याय में महर्षि पराशर कहते हैं: 'जनलोकाच्चतुर्गुणे तपोलोको महानृप।' अर्थात जनलोक से चौगुनी दूरी पर तपोलोक स्थित है। इस गणना में ध्रुवलोक से एक करोड़ योजन ऊपर महर्लोक, महर्लोक से दो करोड़ योजन ऊपर जनलोक और जनलोक से आठ करोड़ योजन ऊपर तपोलोक बताया गया है।
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