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विस्तृत उत्तर
वसु स्वरूप पिता भौतिक तत्त्वों के धारक माने गए हैं। इसलिए जब वसु-रूप पिता श्राद्ध और तर्पण से तृप्त होते हैं, तो वे मुख्य रूप से सुप्रजा, उत्तम संतान, शारीरिक बल, ऐहिक सुख और वंश-वृद्धि का आशीर्वाद देते हैं। वसु अवस्था स्थूलता, भौतिक संबंध और पार्थिव जीवन से जुड़ी है। इसी कारण पिता से प्राप्त फल भी जीवन, शरीर, परिवार और वंश की वृद्धि से संबंधित बताए गए हैं।
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