विस्तृत उत्तर
बंगाल में इस दिन को 'हाते खोड़ी' (Hatey Khori) और दक्षिण भारत में 'अक्षर अभ्यासम' (Akshara Abhyasam) के रूप में अत्यंत पवित्र माना जाता है।
इस दिन छोटे बच्चों (toddlers) को पहली बार स्लेट (chalk) या चावल की थाली पर अक्षर लिखना सिखाया जाता है। यह खेल की दुनिया से ज्ञान की दुनिया में प्रवेश का संस्कार है।



