विस्तृत उत्तर
संपत्ति और विद्या प्राप्ति का विशिष्ट मंत्र:
ॐ अर्हं मुख कमल वासिनी पापात्म क्षयम् कारी वद वद वाग्वादिनी सरस्वती ऐं ह्रीं नमः स्वाहा
इस मंत्र का जप बुद्धि, वाक्-शक्ति और लौकिक सफलता के लिए किया जाता है। शास्त्रों के अनुसार इस मंत्र का १,२५,००० बार जप करना चाहिए। इसके लिए स्फटिक या रुद्राक्ष की माला का उपयोग किया जाता है। इसके लिए रोहिणी, मृगशिरा या चंद्रावली नक्षत्र का समय सर्वश्रेष्ठ माना गया है।





