📖
विस्तृत उत्तर
विष्णु की श्वास को महाप्राण इसलिए कहा गया है क्योंकि वह केवल किसी एक शरीर की सांस नहीं, बल्कि सृष्टि को जीवन देने वाली ब्रह्मांडीय शक्ति है। उस श्वास से समय चला, कारण-जल में गति आई और अव्यक्त तत्व जागे। सामान्य श्वास जीव को जीवित रखती है, लेकिन यह महाप्राण पूरे ब्रह्मांड को गति देता है। इसलिए इसे सृष्टि की प्राणधारा कहा गया है।
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?
