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लोक⏱ 1 मिनट पठन

वितल लोक का विस्तार कितना है?

संक्षिप्त उत्तर

वितल लोक की ऊँचाई और गहराई दस हजार योजन बताई गई है, और इसकी लंबाई-चौड़ाई भूर्लोक के समान कही गई है।

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विस्तृत उत्तर

वितल लोक का विस्तार अत्यंत विशाल बताया गया है। पुराणों के अनुसार प्रत्येक अधोलोक की अपनी ऊँचाई और गहराई दस हजार योजन है। ब्रह्माण्ड पुराण और मार्कण्डेय पुराण के अनुसार इन सभी लोकों की चौड़ाई और लंबाई का विस्तार भूर्लोक, अर्थात पृथ्वी, के समान है। संपूर्ण ब्रह्मांड का विस्तार पचास करोड़ योजन माना गया है, जिसमें ये सभी लोक समाहित हैं।

उत्तर को थोड़ा और स्पष्ट करें

वितल लोक का विस्तार कितना है को संदर्भ सहित समझें

वितल लोक का विस्तार कितना है का सबसे सीधा सार यह है: वितल लोक की ऊँचाई और गहराई दस हजार योजन बताई गई है, और इसकी लंबाई-चौड़ाई भूर्लोक के समान कही गई है।

लोक जैसे विषयों में यह देखना जरूरी होता है कि बात किस परिस्थिति में लागू होती है, किन नियमों के साथ मान्य होती है और व्यवहार में इसका सही अर्थ क्या निकलता है.

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उत्तर पढ़ते समय यह देखें कि उसमें नियम, अपवाद और व्यवहारिक संदर्भ साफ हैं या नहीं।

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