विस्तृत उत्तर
यमराज भगवान विष्णु के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं और ब्रह्मांडीय न्याय व्यवस्था का संचालन करते हैं। यमलोक की पूरी व्यवस्था जीवात्मा के कर्मों की प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए परमेश्वर के कठोर प्रशासनिक विभाग के रूप में कार्य करती है। यमराज इस विभाग के अधिपति हैं और भगवान के विशेष महाजन माने गए हैं। विष्णु पुराण में महर्षि पराशर स्पष्ट करते हैं कि यह संपूर्ण ब्रह्मांड और इसके भीतर यमलोक की दण्ड व्यवस्था भगवान विष्णु की ही परा शक्ति का अनुशासित विस्तार है।
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