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विस्तृत उत्तर
विष्णु पुराण और भागवत पुराण के अनुसार यमराज सूर्य, यानी विवस्वान, के पुत्र हैं। इसी कारण उन्हें वैवस्वत भी कहा जाता है, जो उनके १४ प्रमुख नामों में से एक है। सूर्यपुत्र यमराज पितृलोक की परिधि में स्थित अपने मुख्य निवास और न्याय-सभा से ब्रह्मांडीय न्याय का संचालन करते हैं। उन्हें मृत्यु के देवता, धर्मराज और पितरों के अधिपति के रूप में मान्यता प्राप्त है।
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