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उत्तर दिशा प्रश्नोत्तरी — 10 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित उत्तर दिशा विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 10 प्रश्न

वास्तु धन नियम

तिजोरी का मुख किस दिशा में खुलना चाहिए?

तिजोरी का मुख (दरवाज़ा) उत्तर दिशा (कुबेर की दिशा) में खुलना सर्वोत्तम है। पूर्व दिशा दूसरा विकल्प है। दक्षिण में मुख कभी नहीं होना चाहिए — यह धन हानि का कारण बनता है।

तिजोरी मुखउत्तर दिशाकुबेर
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

शवदाह के समय शव का सिर किस दिशा में रखना चाहिए?

शवदाह के समय शव का सिर उत्तर दिशा की ओर रखना चाहिए।

शवदाहदिशाउत्तर दिशा
पूजा विधान

राज मातंगी साधना की विधि क्या है?

राज मातंगी साधना: उत्तर दिशा, सफेद वस्त्र-आसन। अक्षत से 'ह्रीं' लिखकर यंत्र स्थापित करें। हृदयंगम साधना में: पीले वस्त्र + उत्तर दिशा + गुरु चित्र + हृदयंगम यंत्र + गुटिका + माला।

राज मातंगी विधिउत्तर दिशासफेद वस्त्र
नियम और पात्रता

हवन में किस दिशा में मुख रखें?

हवन में यजमान का मुख पूर्व अथवा उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए।

हवन दिशापूर्व दिशाउत्तर दिशा
जप का स्थान, समय, आसन और माला

जप में किस दिशा में मुख करना चाहिए?

जप में मुख पूर्व (East) या उत्तर (North) दिशा में होना चाहिए — पूर्व = सूर्य की दिशा (ज्ञान, प्रकाश, सकारात्मक ऊर्जा); उत्तर = कुबेर और देवताओं की दिशा।

पूर्व दिशाउत्तर दिशासूर्य
साधना विधि

नमः शिवाय जप के लिए कौन सी दिशा में बैठना चाहिए?

नमः शिवाय जप के लिए पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके आसन पर बैठना चाहिए।

पूर्व दिशाउत्तर दिशाजप दिशा
पाठ विधि और नियम

चन्द्रदोष निवारण के लिए कौन सी दिशा में बैठकर पाठ करें?

चन्द्रदोष निवारण के लिए उत्तर या उत्तर-पश्चिम (वायव्य) दिशा में मुख करके पाठ करें — विशेषकर पूर्णिमा की रात्रि में यह विशेष लाभकारी है।

चन्द्रदोष दिशाउत्तर दिशावायव्य
शिव शाबर मंत्र

व्यापार वृद्धि और धन लाभ के लिए किस दिशा में मुख करके जप करें?

मानसिक और बैंकिंग कार्यों के लिए उत्तर दिशा, तथा भूमि और श्रम कार्यों के लिए दक्षिण दिशा की ओर मुख करें।

व्यापार वृद्धिदिशा ज्ञानउत्तर दिशा
शिव शाबर मंत्र

व्यापार और धन लाभ के लिए किस दिशा में मुख करके जप करें?

धन लाभ और व्यापार में सफलता के लिए उत्तर दिशा की ओर मुख करके मंत्र जप करें।

व्यापार दिशाधन लाभउत्तर दिशा
वास्तु शास्त्र

उत्तर दिशा में सिर करके क्यों नहीं सोना चाहिए

उत्तर में सिर करके सोना वास्तु और आयुर्वेद दोनों में वर्जित है। पृथ्वी और शरीर के चुंबकीय ध्रुवों के विकर्षण से रक्तचाप, सिरदर्द और अनिद्रा हो सकती है। आयुर्वेदिक परंपरा में इसे आयु क्षीण करने वाला कहा गया है। दक्षिण या पूर्व दिशा उत्तम है।

उत्तर दिशाशयन निषेधवास्तु

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।