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कालभैरव — प्रश्नोत्तरी

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 4 प्रश्न

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स्तोत्र

कालभैरव अष्टकम का पाठ कब करना चाहिए?

शंकराचार्य रचित। कब: कालाष्टमी (कृष्ण अष्टमी), भैरवाष्टमी (मार्गशीर्ष), शनिवार/मंगलवार, रात्रि। उद्देश्य: भय नाश (काल=मृत्यु भय), शत्रु नाश, समय अधिपति, काशी मोक्ष। बिना दीक्षा सभी पढ़ सकते।

कालभैरवअष्टकमशंकराचार्य
शिव उपासना

शिव के किस स्तोत्र से कोर्ट केस में विजय मिलती है

कोर्ट विजय हेतु प्रचलित: (1) कालभैरवाष्टक (शंकराचार्य) — न्याय देवता। (2) शिव ताण्डव (रावण कृत) — शक्ति/निर्भयता। (3) महामृत्युंजय — बन्धन मुक्ति। (4) रुद्राष्टक (तुलसीदास)। ये परम्परागत मान्यताएँ हैं — कानूनी तैयारी अनिवार्य, सत्य पक्ष पर हों। मानसिक बल हेतु सहायक।

शिवस्तोत्रविजय
तंत्र साधना

भैरव तंत्र साधना कैसे करें?

भैरव के रूप: बटुकभैरव (सौम्य-संकट), कालभैरव (उग्र-सिद्धि)। विधि: कालाष्टमी, रविवार, अर्धरात्रि। वस्त्र: काला/भगवा, रुद्राक्ष माला। मंत्र: बटुकभैरव ('ॐ ह्रीं बटुकाय... हूं'), कालभैरव ('ॐ हूं भैरवाय नमः' — 6 लाख)। भोग: उड़द-तिल, सरसों दीपक। फल: शत्रु-निवारण, क्षेत्र-रक्षण, अकाल-मृत्यु से रक्षा।

भैरव साधनाकालभैरवबटुकभैरव
मंत्र सिद्धि

भैरव मंत्र सिद्धि कैसे करें?

भैरव तंत्र: बिना गुरु के भैरव साधना जोखिमपूर्ण। मुख्य मंत्र: 'ॐ हूं भैरवाय नमः' (6 अक्षर = 6 लाख), बटुकभैरव मंत्र (संकट)। कालाष्टमी, रविवार। काले/गेरुए वस्त्र, रुद्राक्ष माला। भोग: उड़द, सरसों का दीपक। फल: भूत-शत्रु भय नाश।

भैरव मंत्रकालभैरवतंत्र साधना

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।