ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

चरण स्पर्श प्रश्नोत्तरी — 4 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित चरण स्पर्श विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 4 प्रश्न

लोक

गंगा को 'विष्णुपदी' क्यों कहते हैं?

गंगा को विष्णुपदी इसलिए कहते हैं क्योंकि भगवान वामन के त्रिविक्रम स्वरूप के चरण के स्पर्श से कारण-जल गुलाबी आभा से युक्त होकर गंगा बनी। 'विष्णुपदी' = विष्णु के चरणों से उत्पन्न।

गंगाविष्णुपदीवामन अवतार
रामचरितमानस — बालकाण्ड

श्रीरामजी के चरण-स्पर्श से अहल्या का क्या हुआ?

शिला से तपोमूर्ति अहल्या प्रकट हुईं — शरीर पुलकित, प्रेम से अधीर, नेत्रों से आँसुओं की धारा। चरणों में लिपटीं, स्तुति की — 'मेरा मन-भौंरा आपके चरण-रज का प्रेम-रस सदा पान करे।' आनन्दपूर्वक पतिलोक गयीं।

बालकाण्डअहल्या प्रकटचरण स्पर्श
रामचरितमानस — बालकाण्ड

अहल्या का उद्धार कैसे हुआ?

श्रीरामजी के चरण-स्पर्श से — 'परसत पद पावन सोक नसावन प्रगट भई तपपुंज सही' — पवित्र चरणों का स्पर्श पाते ही शिला से तपोमूर्ति अहल्या प्रकट हुईं। स्तुति करके आनन्दपूर्वक पतिलोक गयीं।

बालकाण्डअहल्या उद्धारचरण स्पर्श
मंदिर नियम

मंदिर में भगवान की मूर्ति को छूना चाहिए या नहीं?

गर्भगृह: सामान्य भक्त स्पर्श वर्जित — केवल दीक्षित पुजारी। कारण: चैतन्य शक्ति, पवित्रता, क्षति-रक्षा। अनुमति: चरण स्पर्श (पुजारी द्वारा), शिवलिंग जलाभिषेक (कुछ में)। दक्षिण भारत: कड़ा। उत्तर भारत: उदार। घर: स्पर्श अनुमत (शुद्ध हाथ)। मंदिर नियम पालन करें।

मूर्ति स्पर्शगर्भगृहचरण स्पर्श

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।