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तांत्रिक पूजा — प्रश्नोत्तरी

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 3 प्रश्न

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पूजा विधि

रात 12 बजे के बाद पूजा करना शुभ है या अशुभ

सामान्य पूजा मध्यरात्रि के बाद वर्जित मानी जाती है (तमोगुण प्रधान काल)। परंतु महाशिवरात्रि, जन्माष्टमी, दीपावली जैसे विशेष पर्वों पर मध्यरात्रि पूजा शुभ और शास्त्रसम्मत है। तांत्रिक साधना केवल दीक्षित साधकों के लिए है।

रात्रि पूजानिशिथ कालतांत्रिक पूजा
तंत्र-वेद तुलना

तांत्रिक विधि और वैदिक विधि में पूजा का क्या अंतर है?

वैदिक: बाह्य यज्ञ-हवन, वेद मंत्र, अग्नि आहुति, द्विज अधिकार, चतुर्वर्ग लक्ष्य। तांत्रिक: आंतरिक साधना, बीज मंत्र-यंत्र-न्यास, शक्ति उपासना, जाति-भेद नहीं, भोग+मोक्ष दोनों। दोनों विरोधी नहीं — आज की पूजा में दोनों का मिश्रण।

तांत्रिक पूजावैदिक पूजाअंतर
तंत्र साधना

यंत्र की पूजा मूर्ति पूजा से कैसे भिन्न होती है?

मूर्ति = देवता का साकार स्थूल रूप (भक्ति-प्रधान)। यंत्र = देवता का ज्यामितीय सूक्ष्म रूप (शक्ति-प्रधान)। शारदातिलक: 'मूर्ति = शरीर, यंत्र = आत्मा'। यंत्र-मंत्र-देवता = एक सत्ता के तीन रूप। यंत्र = ऊर्जा केन्द्र। दोनों मिलकर = पूर्ण उपासना। तांत्रिक साधक → यंत्र प्राथमिक।

यंत्र पूजामूर्ति पूजाश्रीयंत्र

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।