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तृतीया श्राद्ध प्रश्नोत्तरी — 23 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित तृतीया श्राद्ध विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 23 प्रश्न

लोक

रौहिण मुहूर्त क्या है?

रौहिण मुहूर्त कुतुप के बाद का पवित्र श्राद्ध काल है।

रौहिण मुहूर्तश्राद्ध मुहूर्ततृतीया श्राद्ध
लोक

कुतुप मुहूर्त क्या है?

कुतुप मुहूर्त श्राद्ध का सर्वोत्तम मध्याह्न काल है।

कुतुप मुहूर्तश्राद्ध समयतृतीया श्राद्ध
लोक

तृतीया श्राद्ध का संकल्प कैसे लें?

तिथि, गोत्र और पितृ नाम स्मरण करके संकल्प लिया जाता है।

श्राद्ध संकल्पतृतीया श्राद्धपितृ कर्म
लोक

अक्षय तृतीया और तृतीया श्राद्ध जुड़ते हैं?

दोनों तृतीया तिथि की अक्षय और युगादि ऊर्जा से जुड़े हैं।

अक्षय तृतीयातृतीया श्राद्धयुगादि
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तृतीया श्राद्ध शत्रु विजय कैसे देता है?

अग्नि पुराण के अनुसार तृतीया श्राद्ध शत्रु विजय देता है।

शत्रु विजयतृतीया श्राद्धअग्नि पुराण
लोक

तृतीया श्राद्ध मोक्ष से कैसे जुड़ा है?

तृतीया श्राद्ध पितरों की ऊर्ध्वगति और मोक्षमार्ग से जुड़ा है।

मोक्षतृतीया श्राद्धविष्णु पुराण
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तृतीया श्राद्ध से पितृदोष मिटता है?

हाँ, विधिपूर्वक तृतीया श्राद्ध पितृदोष निवारण में सहायक माना गया है।

पितृदोषतृतीया श्राद्धगरुड़ पुराण
लोक

तृतीया श्राद्ध से संतान सुख मिलता है?

तृप्त पितर संतान और वंश वृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।

संतान सुखपितृ आशीर्वादतृतीया श्राद्ध
लोक

तृतीया श्राद्ध से धन मिलता है?

श्राद्ध से धन और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।

धन लाभतृतीया श्राद्धयाज्ञवल्क्य स्मृति
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तृतीया श्राद्ध से शत्रु नाश होता है?

अग्नि पुराण तृतीया श्राद्ध को शत्रु विजय से जोड़ता है।

शत्रु नाशअग्नि पुराणतृतीया श्राद्ध
लोक

तृतीया श्राद्ध से पितर कैसे तृप्त होते हैं?

तिल, जल, पिण्ड और स्वधा मंत्र से पितर तृप्त होते हैं।

पितृ तृप्तितृतीया श्राद्धतर्पण
लोक

तृतीया तिथि अक्षय क्यों है?

तृतीया पर किया गया दान और श्राद्ध अक्षय फल देने वाला माना गया है।

अक्षय तृतीयातृतीया श्राद्धअक्षय फल
लोक

बाल मृत्यु का श्राद्ध कैसे करें?

बाल मृत्यु का नियम भिन्न है, पर परंपरा में श्राद्ध हो तो मृत्यु तिथि पर किया जाता है।

बाल मृत्युश्राद्ध नियमतृतीया श्राद्ध
लोक

सामान्य मृत्यु का श्राद्ध कब करें?

सामान्य मृत्यु का श्राद्ध पितृ पक्ष में मृत्यु तिथि पर करें।

सामान्य मृत्युमृत्यु तिथि श्राद्धतृतीया श्राद्ध
लोक

मातृ नवमी अलग क्यों है?

मातृ नवमी स्थानीय विशेष परंपरा है, पर मूल मृत्यु तिथि का श्राद्ध मुख्य है।

मातृ नवमीतृतीया श्राद्धमाता श्राद्ध
लोक

दादा-दादी का तृतीया श्राद्ध कब करें?

दादा-दादी की मृत्यु तृतीया को हो तो उनका श्राद्ध तृतीया को करें।

दादा दादी श्राद्धतृतीया श्राद्धपितामह
लोक

पिता का तृतीया श्राद्ध कब करें?

पिता की मृत्यु तृतीया को हुई हो तो उनका श्राद्ध पितृ पक्ष की तृतीया को करें।

पिता का श्राद्धतृतीया श्राद्धपितृ पक्ष
लोक

माता का तृतीया श्राद्ध कब करें?

माता की मृत्यु तृतीया को हुई हो तो तृतीया श्राद्ध करें।

माता का श्राद्धतृतीया श्राद्धमृत्यु तिथि
लोक

कृष्ण तृतीया मृत्यु पर श्राद्ध कब करें?

कृष्ण तृतीया मृत्यु का श्राद्ध भी पितृ पक्ष की तृतीया को होता है।

कृष्ण तृतीया मृत्युतृतीया श्राद्धमृत्यु तिथि
लोक

शुक्ल तृतीया मृत्यु पर श्राद्ध कब करें?

शुक्ल तृतीया मृत्यु का श्राद्ध पितृ पक्ष की तृतीया को करें।

शुक्ल तृतीया मृत्युतृतीया श्राद्धपितृ पक्ष
लोक

तीज श्राद्ध क्या होता है?

तीज श्राद्ध तृतीया श्राद्ध का ही सरल लोकनाम है।

तीज श्राद्धतृतीया श्राद्धमहालय
लोक

तृतीया श्राद्ध क्या है?

पितृ पक्ष की तृतीया तिथि पर किया जाने वाला श्राद्ध तृतीया श्राद्ध है।

तृतीया श्राद्धतीज श्राद्धपितृ पक्ष
श्राद्ध फल

तृतीया श्राद्ध का काम्य फल क्या है?

तृतीया श्राद्ध का काम्य फल है अश्व यानी घोड़े आदि वाहनों की प्राप्ति। याज्ञवल्क्य स्मृति 1.264 और नृसिंह प्रसाद-श्राद्धसारः के अनुसार तृतीया को श्राद्ध करने से वाहन की कामना पूरी होती है। वैदिक काल में अश्व सर्वश्रेष्ठ वाहन था। आधुनिक संदर्भ में यह कार, मोटरसाइकिल आदि आधुनिक वाहनों की प्राप्ति का प्रतीक है।

तृतीया श्राद्धअश्व फलतीज श्राद्ध

विषय-वार प्रश्नोत्तर

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सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।