ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

शांति मंत्र — प्रश्नोत्तरी

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 3 प्रश्न

🔍
हिंदू दर्शन

असतो मा सद्गमय मंत्र का अर्थ क्या है

बृहदारण्यक 1.3.28: असत् (मिथ्या) → सत् (सत्य); तमस् (अज्ञान) → ज्योति (ज्ञान); मृत्यु → अमृत (मोक्ष)। तीनों = एक ही प्रार्थना — संसार बंधन से मुक्ति। तीन शांति = तीन प्रकार के दुःख (आधिदैविक, आधिभौतिक, आध्यात्मिक) की शांति।

असतो माशांति मंत्रबृहदारण्यक
हिंदू दर्शन

ॐ पूर्णमदः पूर्णमिदम श्लोक का अर्थ

ईशावास्य शांति मंत्र: वह (ब्रह्म) पूर्ण, यह (जगत/आत्मा) भी पूर्ण। पूर्ण से पूर्ण निकालें = पूर्ण शेष (∞-∞=∞)। अर्थ: ब्रह्म अनंत, सृष्टि ब्रह्म से भिन्न नहीं, आत्मा = ब्रह्म = पूर्ण। व्यावहारिक: आप जन्मजात पूर्ण हैं — बाहर से कुछ जोड़ने की आवश्यकता नहीं।

पूर्णमदःईशावास्यशांति मंत्र
हिंदू दर्शन

सर्वे भवन्तु सुखिनः श्लोक का अर्थ और महत्व

सर्वे भवन्तु सुखिनः = सभी सुखी हों, निरोग हों, शुभ देखें, कोई दुःखी न हो। 'सर्वे' = कोई भेद नहीं — सार्वभौमिक प्रार्थना। 'वसुधैव कुटुम्बकम्' भावना। चार स्तरीय कल्याण: मानसिक सुख, शारीरिक स्वास्थ्य, सौभाग्य, दुःख मुक्ति।

सर्वे भवन्तु सुखिनःशांति मंत्रप्रार्थना

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।