ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

श्लोक अर्थ प्रश्नोत्तरी — 5 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित श्लोक अर्थ विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 5 प्रश्न

लोक

विष्णु पुराण के 'गायन्ति देवाः' श्लोक का क्या अर्थ है?

'गायन्ति देवाः' श्लोक में देवता कहते हैं — भारतवर्ष में जन्म लेने वाले हमसे भी धन्य हैं क्योंकि यह स्वर्ग और मोक्ष दोनों का द्वार है जो हमें भी दुर्लभ है।

गायन्ति देवाःविष्णु पुराणभारतवर्ष
लोक

'यावद्वायु: प्रवाति यावन्मेघा उपलभ्यन्ते' का क्या अर्थ है?

इस श्लोक का अर्थ है — 'जहाँ तक वायु बहती है और जहाँ तक बादल दिखते हैं' — वह क्षेत्र भुवर्लोक (अंतरिक्ष) का निचला और मध्य हिस्सा है।

यावद्वायुश्लोक अर्थभुवर्लोक
लोक

शिवाय विष्णु रूपाय श्लोक का अर्थ क्या है?

इस श्लोक का अर्थ है कि शिव विष्णु रूप हैं और विष्णु शिव रूप; दोनों के हृदय में एक-दूसरे का वास है।

शिवाय विष्णु रूपायशिव विष्णुश्लोक अर्थ
गुरु तत्व और गुरु कृपा

'गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः' श्लोक का क्या अर्थ है?

'गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः...' का अर्थ: गुरु ही ब्रह्मा हैं, गुरु ही विष्णु हैं, गुरु ही महेश्वर हैं, गुरु ही साक्षात् परब्रह्म हैं — ऐसे श्रीगुरु को नमन।

गुरुर्ब्रह्माब्रह्मा विष्णु महेशपरब्रह्म
हिंदू दर्शन

कर्मण्येवाधिकारस्ते श्लोक का सही अर्थ क्या है

गीता 2.47 — (1) कर्म करना तुम्हारे हाथ में है (2) फल तुम्हारे नियंत्रण में नहीं (3) फल की लालसा कर्म का कारण न बने (4) 'फल नहीं तो कर्म क्यों' — यह सोच भी गलत। सार: पूर्ण समर्पण से कर्म करो, परिणाम ईश्वर पर छोड़ो।

गीताकर्मण्येवाधिकारस्तेकर्म

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।