ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

108 बार प्रश्नोत्तरी — 6 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित 108 बार विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 6 प्रश्न

दुर्गा सप्तशती

नवचंडी पाठ क्या है?

नवचंडी पाठ = विशेष अनुष्ठान में 9 दिनों के भीतर सप्तशती के 700 श्लोकों का 108 बार आवर्तन। फल: नकारात्मक शक्तियों का पूर्ण विनाश और असीम समृद्धि की प्राप्ति।

नवचंडी पाठ108 बार700 श्लोक
मंत्र जप

महामृत्युंजय मंत्र का जप कब और कैसे करें?

महामृत्युंजय जप विधान: रुद्राक्ष की लाल धागे वाली माला, लाल आसन, उत्तर दिशा, ब्रह्म मुहूर्त (4 बजे सुबह) सर्वोत्तम। 108 बार (एक माला) जप से: अकाल मृत्यु भय नाश, व्याधि शमन, जीवन-ऊर्जा प्राप्ति।

महामृत्युंजय जप विधानब्रह्म मुहूर्तरुद्राक्ष माला
साधना विधि और नियम

बटुक भैरव का नित्य जप कितनी बार करना चाहिए?

नित्य जप कम से कम 7 बार से शुरू करें और 108 बार (एक माला) तक करें। साधना के बाद भी नित्य एक माला जप जारी रखें।

नित्य जप7 बार108 बार
पाठ विधि और नियम

चन्द्रशेखराष्टकम् का पाठ कितनी बार करना चाहिए?

चन्द्रशेखराष्टकम् नित्य 1 बार पढ़ें। विशेष फल के लिए 11 बार या 108 बार पढ़ें — पाठ के दौरान आह्वान मंत्र बार-बार दोहराएं।

पाठ संख्या1 बार11 बार
मंत्र जप विधि और नियम

महामृत्युंजय मंत्र कितनी बार जपना चाहिए?

महामृत्युंजय मंत्र का जप 108 बार करना चाहिए — रुद्राक्ष माला से ब्रह्म मुहूर्त में भगवान त्र्यंबकेश्वर का ध्यान करते हुए।

महामृत्युंजय मंत्र108 बारब्रह्म मुहूर्त
मंत्र जप विधि और नियम

सर्प सूक्त कितनी बार जपना चाहिए?

सर्प सूक्त का पाठ 108 बार (पूर्ण सूक्त) या 11 माला (प्रथम मंत्र की) करना चाहिए — प्रातःकाल शिव पूजा के साथ रुद्राक्ष माला से।

सर्प सूक्त जप108 बार11 माला

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।