ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

84 अंश प्रश्नोत्तरी — 5 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित 84 अंश विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 5 प्रश्न

लोक

पितृ ऋण का आनुवंशिक आधार क्या है?

पितृ ऋण का आधार यह है कि शरीर के पैतृक ५६ अंशों में ४६ अंश पहली तीन पीढ़ियों से आते हैं।

पितृ ऋणआनुवंशिक आधार84 अंश
लोक

तीन पीढ़ियों से 46 अंश मिलने का क्या अर्थ है?

४६ अंश का अर्थ है कि पिता, दादा और परदादा का शरीर पर सबसे बड़ा पैतृक योगदान है।

46 अंशतीन पीढ़ीपितृ ऋण
लोक

28 अंश स्वयं यजमान से कैसे जुड़े हैं?

२८ अंश यजमान के अपने भोजन, तप और कर्मों से उपार्जित माने गए हैं।

28 अंशयजमान84 अंश
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शरीर के 84 अंशों का पितृ ऋण से क्या संबंध है?

पूर्वजों से मिले ५६ अंशों में सबसे अधिक ४६ अंश तीन पीढ़ियों से आते हैं, इसलिए पितृ ऋण उनसे जुड़ा है।

84 अंशपितृ ऋणशरीर
लोक

श्राद्ध में केवल तीन पीढ़ियों को मुख्य पिण्ड क्यों दिया जाता है?

तीन पीढ़ियों से शरीर में ४६ पैतृक अंश आते हैं, इसलिए पिता, पितामह और प्रपितामह को मुख्य पिण्ड दिया जाता है।

श्राद्धतीन पीढ़ीमुख्य पिण्ड

विषय-वार प्रश्नोत्तर

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सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।