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श्राद्ध — 20 लेख

श्राद्ध से सम्बन्धित 20 लेख — कथा, मंत्र, पूजा विधि, स्तोत्र और शास्त्रीय जानकारी।

षष्ठी श्राद्ध की विधि, फल और शास्त्र-नियम

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द्वादशी श्राद्ध: संन्यासी और पार्वण विधि

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सर्वपितृ अमावस्या: सबसे ज़रूरी पितृ श्राद्ध

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एकादशी श्राद्ध की विधि, नियम और निषेध

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त्रयोदशी श्राद्ध: सम्पूर्ण विधि और फल

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चतुर्दशी श्राद्ध: किसका करें और क्यों ज़रूरी?

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दशमी श्राद्ध: विधि, मंत्र और गया का महत्व

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मातृ नवमी और अविधवा नवमी श्राद्ध की विधि

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अष्टमी श्राद्ध कौन कर सकता है? विधि और फल

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सप्तमी श्राद्ध की विधि, फल और सही मुहूर्त

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चतुर्थी श्राद्ध: तिथि, विधि और शास्त्रीय नियम

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पंचमी श्राद्ध: किसका, कब और कैसे करें

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द्वितीया श्राद्ध की विधि, मंत्र और सही नियम

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तृतीया श्राद्ध कब करें? सम्पूर्ण विधि और महत्व

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प्रतिपदा श्राद्ध कैसे करें: विधि, मंत्र, फल

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देव, पितृ, ऋषि — हर इंसान पर तीन ऋण क्यों?

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७ पीढ़ी तक तर्पण क्यों? पितृ ऋण से मुक्ति

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पितृ कौन हैं? वसु, रुद्र, आदित्य का रहस्य

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यमलोक का सच: मृत्यु के बाद आत्मा का सफर कैसा?

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प्रेत, पिशाच, भूत, यक्ष, राक्षस: कौन कब बनता है?

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श्राद्ध — सम्पूर्ण जानकारी

श्राद्ध से सम्बन्धित 20 विस्तृत लेख यहाँ उपलब्ध हैं। प्रत्येक लेख में शास्त्रीय प्रमाण, मंत्र, कथा और पूजा विधि दी गई है।

विषय को सही क्रम से पढ़ें

श्राद्ध को गहराई से समझने का तरीका

श्राद्ध खंड में एक ही विषय के अलग-अलग लेख मिलते हैं, इसलिए इसे केवल सूची की तरह नहीं बल्कि सीखने के क्रम की तरह पढ़ना बेहतर रहता है।

20 लेख वाले इस पेज पर सबसे अच्छा तरीका यह है कि पहले वही प्रविष्टियाँ पढ़ें जो आपके वर्तमान सवाल से सीधा संबंध रखती हैं, फिर उनसे जुड़े अगले लेख या प्रश्न खोलें ताकि आधी-अधूरी जानकारी के बजाय पूरा संदर्भ बने।

इस संग्रह को पढ़ते समय महत्व, विधि, समय, शास्त्रीय आधार और व्यवहारिक उपयोग जैसे पहलुओं को साथ में देखना चाहिए। यही तरीका किसी भी विषय को सतही जानकारी से आगे ले जाकर उपयोगी समझ में बदलता है।

शुरुआत उन लेख से करें जिनका शीर्षक आपके सवाल या उद्देश्य से सबसे अधिक मेल खाता है।

पढ़ते समय विधि, महत्व, समय और सावधानियों जैसे अलग-अलग पहलुओं को नोट करें, क्योंकि ये अक्सर अलग प्रविष्टियों में बँटे होते हैं।

अगर एक पेज से पूरा उत्तर न मिले, तो उसी संग्रह के अगले लेख या प्रश्न खोलकर संदर्भ पूरा करें।