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श्रीमद्भगवद्गीता · ज्ञान विज्ञान योग

श्लोक 26

ज्ञान विज्ञान योग · Jnana Vijnana Yoga

मूल पाठ

वेदाहं समतीतानि वर्तमानानि चार्जुन | भविष्याणि च भूतानि मां तु वेद न कश्चन

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

हे अर्जुन ! जो प्राणी भूतकालमें हो चुके हैं, तथा जो वर्तमानमें हैं और जो भविष्यमें होंगे, उन सब प्राणियोंको तो मैं जानता हूँ; परन्तु मेरेको कोई (मूढ़ मनुष्य) नहीं जानता।

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विस्तृत व्याख्या

गहन भावार्थ और सन्दर्भ

हे अर्जुन ! जो प्राणी भूतकालमें हो चुके हैं, तथा जो वर्तमानमें हैं और जो भविष्यमें होंगे, उन सब प्राणियोंको तो मैं जानता हूँ; परन्तु मेरेको कोई (मूढ़ मनुष्य) नहीं जानता।

English Meaning

I know, O Arjuna, the beings of the past, the present and the future, but no one knows Me.

I know, O Arjuna, the beings of the past, the present and the future, but no one knows Me.

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