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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड दोहा 103

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

चरित सिंधु गिरिजा रमन बेद न पावहिं पारु । बरनै तुलसीदासु किमि अति मतिमंद गवाँरु ॥ १०३ ॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

गिरिजापति महादेवजीका चरित्र समुद्रके समान (अपार) है, उसका पार वेद भी नहीं पाते। तब अत्यन्त मन्दबुद्धि और गँवार तुलसीदास उसका वर्णन कैसे कर सकता है! ॥ १०३ ॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 103 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik