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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड दोहा 104

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

प्रथमहिं मैं कहि सिव चरित बूझा मरमु तुम्हार । सुचि सेवक तुम्ह राम के रहित समस्त बिकार ॥ १०४ ॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

मैंने पहले ही शिवजीका चरित्र कहकर तुम्हारा भेद समझ लिया। तुम श्रीरामचन्द्रजीके पवित्र सेवक हो और समस्त दोषोंसे रहित हो ॥ १०४ ॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 104 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik