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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड दोहा

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

दो०— प्रिय लागिहि अति सबहि मम भनिति राम जस संग । दारु बिचारु कि करइ कोउ बंदिअ मलय प्रसंग ॥ १० ( क ) ॥

Do. - Priya lagihi ati sabahi mama bhaniti rama jasa sanga. Daru bicharu ki karai kou bandia malaya prasanga. 10 (ka)

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

श्रीरामजीके यशके संगसे मेरी कविता सभीको अत्यन्त प्रिय लगेगी, जैसे मलय पर्वतके संगसे काष्ठमात्र [चन्दन बनकर] वन्दनीय हो जाता है, फिर क्या कोई काठ [की तुच्छता] का विचार करता है?॥ १० (क)॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik