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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड दोहा 114

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

कहहिं सुनहिं अस अधम नर ग्रसे जे मोह पिसाच । पाषंडी हरि पद बिमुख जानहिं झूठ न साच ॥ ११४ ॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

जो मोहरूपी पिशाचके द्वारा ग्रस्त हैं, पाखण्डी हैं, भगवानके चरणोंसे विमुख हैं और जो झूठ-सच कुछ भी नहीं जानते, ऐसे अधम मनुष्य ही इस तरह कहते-सुनते हैं ॥ ११४ ॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 114 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik