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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड दोहा 122

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

भए निसाचर जाइ तेइ महाबीर बलवान । कुंभकरन रावन सुभट सुर बिजई जग जान ॥ १२२ ॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

वे ही [दोनों] जाकर देवताओंको जीतनेवाले तथा बड़े योद्धा, रावण और कुंभकर्ण नामक बड़े बलवान और महावीर राक्षस हुए, जिन्हें सारा जगत जानता है ॥ १२२ ॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 122 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik