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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड दोहा 123

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

छल करि टारेउ तासु ब्रत प्रभु सुर कारज कीन्ह । जब तेहिं जानेउ मरम तब श्राप कोप करि दीन्ह ॥ १२३ ॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

प्रभुने छलसे उस स्त्रीका व्रत भंग कर देवताओंका काम किया। जब उस स्त्रीने यह भेद जाना, तब उसने क्रोध करके भगवानको शाप दिया ॥ १२३ ॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 123 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik