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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड दोहा 125

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

सूख हाड लै भाग सठ स्वान निरखि मृगराज । छीनि लेइ जनि जान जड़ तिमि सुरपतिहि न लाज ॥ १२५ ॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

जैसे मूर्ख कुत्ता सिंहको देखकर सूखी हड्डी लेकर भागे और वह मूर्ख यह समझे कि कहीं उस हड्डीको सिंह छीन न ले, वैसे ही इन्द्रको [नारदजी मेरा राज्य छीन लेंगे, ऐसा सोचते] लाज नहीं आयी ॥ १२५ ॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 125 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik