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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड दोहा 132

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

जेहि बिधि होइहि परम हित नारद सुनहु तुम्हार । सोइ हम करब न आन कछु बचन न मृषा हमार ॥ १३२ ॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

हे नारदजी! सुनो, जिस प्रकार आपका परम हित होगा, हम वही करेंगे, दूसरा कुछ नहीं- हमारा वचन असत्य नहीं होता ॥ १३२ ॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 132 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik