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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड दोहा 134

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

सखीँ संग लै कुअँरि तब चलि जनु राजमराल । देखत फिरइ महीप सब कर सरोज जयमाल ॥ १३४ ॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

तब राजकुमारी सखियोंको साथ लेकर इस तरह चली मानो राजहंसिनी चल रही है। वह अपने कमल-जैसे हाथोंमें जयमाला लिये सब राजाओंको देखती हुई घूमने लगी ॥ १३४ ॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 134 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik