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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड दोहा 143

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

द्वादस अक्षर मंत्र पुनि जपहिं सहित अनुराग । बासुदेव पद पंकरुह दंपति मन अति लाग ॥ १४३ ॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

और द्वादशाक्षर मंत्र (ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय) का प्रेमसहित जप करते थे। भगवान वासुदेवके चरणकमलोंमें उन राजा-रानीका मन बहुत ही लग गया था ॥ १४३ ॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 143 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik