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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड दोहा 147

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

तड़ित बिनिंदक पीत पट उदर रेख बर तीनि । नाभि मनोरहर लेति जनु जमुन भँवर छवि छीनि ॥ १४७ ॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

[स्वर्ण-वर्णका प्रकाशमय] पीताम्बर बिजलीको लजानेवाला था। पेटपर सुन्दर तीन रेखाएँ (त्रिवली) थीं। नाभि ऐसी मनोहर थी, मानो यमुनाजीके भँवरोंकी छबिको छीने लेती हो ॥ १४७ ॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 147 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik