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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड दोहा 157

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

खेद खिन्न छुधित तृषित राजा बाजि समेत । खोजत ब्याकुल सरित सर जल बिनु भयउ अचेत ॥ १५७ ॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

बहुत परिश्रम करनेसे थका हुआ और घोड़ेसमेत भूख-प्याससे व्याकुल राजा नदी-तालाब खोजता-खोजता पानी बिना बेहाल हो गया ॥ १५७ ॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 157 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik