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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड दोहा 158

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

भूपति तृषित बिलोकि तेहि सरवर दीन्ह देखाइ । मज्जन पान समेत हय कीन्ह नृपति हरषाइ ॥ १५८ ॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

राजाको प्यासा देखकर उसने सरोवर दिखला दिया। हर्षित होकर राजाने घोड़ेसहित उसमें स्नान और जलपान किया ॥ १५८ ॥

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