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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड दोहा 171

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

राजा के उपरोहितहि हरि लै गयउ बहोरि । लै राखेसि गिरि खोह महुँ मायाँ करि मति भोरि ॥ १७१ ॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

फिर वह राजाके पुरोहितको उठा ले गया और मायासे उसकी बुद्धिको भ्रममें डालकर उसे उसने पहाड़की खोहमें ला रखा ॥ १७१ ॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 171 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik