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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड दोहा 177

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

गए बिभीषन पास पुनि कहेउ पुत्र बर मागु । तेहिं मागेउ भगवंत पद कमल अमल अनुरागु ॥ १७७ ॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

फिर ब्रह्माजी विभीषणके पास गये और बोले- हे पुत्र! वर माँगो। उसने भगवानके चरणकमलोंमें निर्मल (निष्काम और अनन्य) प्रेम माँगा ॥ १७७ ॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 177 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik