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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड दोहा 188

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

कौसल्यादि नारि प्रिय सब आचरन पुनीत । पति अनुकूल प्रेम दृढ़ हरि पद कमल बिनीत ॥ १८८ ॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

उनकी कौसल्या आदि प्रिय रानियाँ सभी पवित्र आचरणवाली थीं। वे [बड़ी] विनीत और पतिके अनुकूल [चलनेवाली] थीं और श्रीहरिके चरणकमलोंमें उनका दृढ़ प्रेम था ॥ १८८ ॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 188 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik