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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड दोहा 194

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

गृह गृह बाज बधाव सुभ प्रगटे सुषमा कंद । हरषवंत सब जहँ तहँ नगर नारि नर बृंद ॥ १९४ ॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

घर-घर मङ्गलमय बधावा बजने लगा, क्योंकि शोभाके मूल भगवान प्रकट हुए हैं। नगरके स्त्री-पुरुषोंके झुंड-के-झुंड जहाँ-तहाँ आनन्दमग्न हो रहे हैं ॥ १९४ ॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 194 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik